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Monday, October 20, 2014

Short Essay on Diwali in HINDI / हिंदी में दिवाली पर निबंध

दीपावली का अर्थ है - दीपों की पंक्तियां। दीपावली के दिन प्रत्येक घर दीपों की पंक्तियों से शोभायमान रहता है। दीपों, मोमबत्तियों और बिजली की रोशनी से घर का कोना-कोना प्रकाशित हो उठता है। इसलिए दीपावली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है।

दीपावली कार्तिक माह की अमावस को मनाई जाती है। रोशनी से अंधकार दूर हो जाता है। इसी तरह मन में अच्‍छे विचारों को प्रकाशित कर हम मन के अंधकार को दूर कर सकते हैं।

यह त्योहार अपने साथ ढेरों खुशियां लेकर आता है। एक-दो हफ्ते पूर्व से ही लोग घर, आंगन, मोहल्ले और खलिहान को दुरुस्त करने लगते हैं। बाजार में रंग-रोगन और सफेदी के सामानों की खपत बढ़ जाती है। ठंडे मौसम की हल्की-सी आहट से तन-मन की शीतलता बढ़ जाती है।

दीपावली का दिन आने पर घर में खुशी की लहर दौड़ जाती है। बाजार में मिट्‍टी के दीपों, खिलौनों, खील-बताशों और मिठाई की दुकानों पर भीड़ होती है। दुकानदार, व्यापारी अपने बहीखातों की पूजा करते हैं और कई इसी दिन नए ‍वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी करते हैं।

संध्या के समय घर-आंगन और बाजार जगमगा उठते हैं। पटाखों की गूंज और फुलझड़ियों के रंगीन प्रकाश से चारों ओर खुशी का वातावरण उपस्थित हो जाता है। घर-घर में पकवान बनाए जाते हैं। बच्चों की स्कूल की छुट्‍टियों से इस त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है।

रात्रि में पटाखे चलाए जाते हैं। लगभग पूरी रात पटाखों का शोरगुल बना रहता है। दीपावली की बधाइयों के आदान-प्रदान का सिलसिला चल पड़ता है।

दीपावली के दिन भारत में विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। दीपावली एक दिन का पर्व नहीं अपितु पर्वों का समूह है। दशहरे के पश्चात ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती है। लोग नए-नए वस्त्र सिलवाते हैं। दीपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार आता है। इस बाजारों में चारों तरफ चहल-पहल दिखाई पड़ती है। 

बर्तनों की दुकानों पर विशेष साजसज्जा व भीड़ दिखाई देती है। धनतेरस के दिन बरतन खरीदना शुभ माना जाता है अतैव प्रत्येक परिवार अपनी-अपनी आवश्यकता अनुसार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दिन तुलसी या घर के द्वार पर एक दीपक जलाया जाता है। इससे अगले दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली होती है। इस दिन यम पूजा हेतु दीपक जलाए जाते हैं।

दीपावली से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं 
इस दिन भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे और उनके आने की खुशी में नगरवासियों ने घर-घर घी के दीये जलाए थे। तभी‍ से इस त्योहार की शुरुआत हुई।

लक्ष्मी पूजा के दूसरे दिन “गोवर्धन पूजा” मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इन्द्र को पराजित किया था।


दीपावली का पर्व अकेले भारत में ही धूमधाम से नहीं मनाया जाता बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में दीप पर्व अपनी छटा बिखेरता है। जिन देशों में हिंदुओं और सिखों की बड़ी आबादी है, वहां तो रोशनी का जलसा देखते ही बनता है।

श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मॉरीशस, केन्या, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नीदरलैंड्स, कनाडा, और अमेरिका में दीपावली मनाई जाती है।

जैसे-जैसे भारतीय प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे दीपावली मनाने वाले देशों की संख्या भी बढ़ रही है। कनाडा के ओंटारियो स्थित मिसिसागा में रहने वाली अंजलि बक्शी ने फोन पर कहा ‘यहां तेज आवाज वाले पटाखे छोड़ने पर रोक है। यहां अलग-अलग केंद्र हैं, जहां हम लोग अपने मनाने के लिए एकत्र होते हैं। इस दिन हम अपने घरों को रोशनी से सजाते हैं और शाम को दीपावली उत्सव के लिए इकट्ठे हो जाते हैं। कई बार तो हमने भारतीय दूतावास में भी दीपावली मनाई है।

नेपाल के काठमांडो में पिछले कई सालों से रह रहे अजय कारकी ने फोन पर बताया कि यहां दीपावली को स्वान्ति कहा जाता है। यह पर्व यहां पांच दिन मनाया जाता है। परंपरा वैसी ही है जैसी भारत की है। थोड़ी भिन्नता भी है। पहले दिन कौवे को, दूसरे दिन कुत्ते को भोजन कराया जाता है। लक्ष्मी पूजा तीसरे दिन होती है। इस दिन से नेपाल संवत शुरू होता है इसलिए व्यापारी इसे शुभ दिन मानते हैं। 

कारकी ने बताया कि चौथा दिन नए साल के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन महापूजा होती है और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की जाती है। पांचवा दिन भाई टीका होता है, जब बहनें भाइयों का तिलक करती हैं।

श्रीलंका में तमिल समुदाय के लोग इस दिन तेल स्नान के बाद नए कपड़े पहनते हैं और ‘पोसई’ (पूजा) कर बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है। शाम को पटाखे छोड़े जाते हैं।

मलेशिया में हिंदू सूर्य कैलेंडर के सातवें माह में दीपावली मनाई जाती है। सिंगापुर में इस दिन सरकारी छुट्टी रहती है। वहां की दीपावली देखकर लगता है जैसे ‘नन्हे भारत’ में दीपावली मनाई जा रही है। वहां ‘हिन्दू एंडाउमेंट बोर्ड ऑफ सिंगापुर’ कई सांस्कृतिक आयोजन करता है।

कैरेबियाई देशों में त्रिनिदाद और टोबैगो में बड़ी संख्या में भारतीय बसे हैं और वहां खूब धूमधाम से दीपावली मनाई जाती है। लोग घरों में पूजा करते हैं और रोशनी से घर जगमगा उठते हैं।

ब्रिटेन में भी दीप पर्व मनाया जाता है और लीसेस्टर में तो बहुत बड़ा आयोजन होता है। अमेरिका में वर्ष 2009 में पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में दीवाली का परंपरागत दीया जलाया था।

व्हाइट हाउस में दीवाली मनाने की शुरुआत जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने की थी, लेकिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने निजी तौर पर खुद कभी उत्सव में भाग नहीं लिया। उनके प्रशासन के शीर्ष अधिकारी आयोजन में भाग लेते थे।

वर्ष 2010 में ओबामा ने भारत में दीवाली मनाई थी। पिछले साल व्हाइट हाउस के आइजनहोवर एग्जीक्यूटिव बिल्डिंग में दीवाली आयोजन में ओबामा शामिल हुए थे।

ऑस्ट्रेलिया में भी दीपावली की धूम रहती है और मेलबोर्न में तो श्री शिवविष्णु मंदिर में दीपावली की रौनक देखते ही बनती है। न्यूजीलैंड में भी रह रहे भारतीय रोशनी का पर्व मनाते हैं।



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यह  दीपावली या Dipawali कहा जाता है यह  दीवाली, एक हिंदू त्योहार है. दीवाली रोशन दीपक की पंक्तियों का अर्थ है. यह lights.It का त्योहार हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार है. सभी भारतीय आनन्द में यह मनाते हैं. इस त्योहार में लोग अपने घरों और दुकानों को प्रकाशकरते हैं. इस त्योहार के दौरान लोग गणेश, भगवान और लक्ष्मी, प्रकाश, ज्ञान और भाग्य की देवी की हाथी की अध्यक्षता में प्रतिनिधित्व पूजा करते हैं. .

दीपावली भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, मॉरीशस, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, मलेशिया, सिंगापुर और फिजी में एक सरकारी छुट्टी है.

इस त्योहार अक्टूबर या नवंबर महीने के दौरान कुछ समय गिर जाता है जो कार्तिक के हिंदू महीने में मनाया जाता है. यह 14 निर्वासन के वर्ष और राक्षस रावण पर विजय से भगवान राम की वापसी चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है. भारत दीवाली के कई हिस्सों में लगातार पांच दिनों के लिए मनाया जाता है और भारत में सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है. दीवाली बीस दिन दशहरा के बाद वास्तव में आता है. हिंदुओं को समान रूप से जीवन का एक उत्सव के रूप में मानते हैं और परिवार और रिश्तों को मजबूत करने के लिए इस अवसर का उपयोग करें. हिंदुओं के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है, और भारत के कुछ भागों में इसे नए साल की शुरुआत के निशान. यह वास्तव में पूरे भारत में रोशनी करने के लिए बच्चों ने आतिशबाजी बंद की अनुमति से मनाया जाता है. यह भारत में बल्कि विदेशों में भी न केवल मनाया जाता है. हिंदुओं दीवाली के दौरान भगवान गणेश की पूजा. हिंदुओं मोमबत्ती प्रकाश व्यवस्था और आग पटाखे बंद की अनुमति से त्योहार मनाते हैं.


मंदिर Dipawali दौरान रोशनी के साथ सजाया
पटाखे अब चुप क्षेत्रों में मना रहे हैं तो हवा में सल्फर और कागज, डाल सल्फर डाइऑक्साइड और लकड़ी का कोयला का उपयोग जो पटाखे, पास अस्पतालों, स्कूलों और अदालतों अर्थात्.


दीवाली 2014 अक्टूबर 22 पर है.


हिंदुओं धन और भाग्य की देवी का स्वागत करने के लिए, अपने घरों और दुकानों को प्रकाश, लक्ष्मी आगे वर्ष के लिए उन्हें गुड लक देने के लिए में उसका स्वागत करने के लिए.

As Hindi font is difficult to type you might find some sentences not making sense.
Sorry for Inconvenience. We are trying to improve over time.